यह इमारतें आसमान से कह रही हैं कि "ज़र्रा समझ के यूँ न मिला मुझ को ख़ाक में ऐ आसमान मैं भी कभी आफ़्ताब था।" -लाला माधव राम जौहर फिर आसमान कुछ ऐसा जवाब देता है इन इमारतें को कि "ज़मीन की कोख ही ज़ख़्मी नहीं अंधेरों से है आसमाँ के भी सीने पे आफ़्ताब का ज़ख़्म।"- इब्न-ए-सफ़ी #loveforshayari #travel #traveldiaries #travelgram #travelphotography #sky #skywatching #nature #palace #lake #udaipur #rajasthan #loveforphotography #phonephotography #prakharacharyaphotography


यह इमारतें आसमान से कह रही हैं कि
"ज़र्रा समझ के यूँ न मिला मुझ को ख़ाक में ऐ आसमान मैं भी कभी आफ़्ताब था।" -लाला माधव राम जौहर

फिर आसमान कुछ ऐसा जवाब देता है इन इमारतें को कि
"ज़मीन की कोख ही ज़ख़्मी नहीं अंधेरों से 
है आसमाँ के भी सीने पे आफ़्ताब का ज़ख़्म।"- इब्न-ए-सफ़ी #loveforshayari #travel #traveldiaries #travelgram
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